Birthday Special : कुछ शख्सियतें अपनी प्रशासनिक क्षमता से न केवल नीतियों में बदलाव लाती हैं, बल्कि व्यवस्था को एक नया स्वरूप देने का साहस भी रखती हैं. ऐसी ही एक सशक्त और प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं आईएएस अधिकारी रोली सिंह, जिनका आज जन्मदिन है. आईएएस अधिकारी रोली सिंह के व्यक्तित्व की सबसे खास बात यह है कि वह अपने पेशे के प्रति जितनी अनुशासित हैं, निजी जीवन में उतनी ही मिलनसार और खुशमिजाज भी.
‘द कलंदर पोस्ट’ की ‘आईएएस सीरीज ‘ में आज हम बात कर रहे हैं आईएएस अधिकारी रोली सिंह के जीवन के बारे में जो आज लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं. व्यक्तित्व में सरलता, व्यावसायिक दक्षता और समाज के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण की वजह से आज देश के टॉप ब्यूरोक्रेट्स में शुमार हैं.
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
शिक्षा और समझदारी का गहरा नाता होता है, और रोली सिंह ने अपनी बौद्धिक यात्रा को बेहतरीन संस्थानों से निखारा. 10 मार्च 1969 को जन्मीं रोली सिंह ने वेल्हम गर्ल्स स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद, दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से इतिहास में स्नातक की उपाधि प्राप्त की. लेकिन उनका ज्ञान का विस्तार यहीं नहीं रुका. उन्होंने लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से पब्लिक मैनेजमेंट और गवर्नेंस में मास्टर डिग्री हासिल कर अपनी प्रशासनिक दक्षता को वैश्विक दृष्टिकोण दिया.

इन महत्वपूर्ण विभागों में दी अपनी सेवाएं
1994 बैच की राजस्थान कैडर की आईएएस अधिकारी रोली सिंह ने अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत अजमेर में उपखंड अधिकारी के रूप में की. यह उनकी पहली नियुक्ति थी, लेकिन उनकी नेतृत्व क्षमता और स्पष्टवादी निर्णय लेने की शैली ने यह संकेत दे दिया था कि वे पारंपरिक प्रशासकों से अलग हैं. इसके बाद वे करौली, दौसा और अजमेर जिले की कलेक्टर रहीं, जहां उन्होंने प्रशासनिक सुधारों में नए आयाम जोड़े. अपने व्यापक प्रशासनिक करियर में उन्होंने स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण एवं कार्मिक विभाग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कार्य किया. वर्तमान में वे भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में अपर सचिव के रूप में कार्यरत हैं. इस पद पर रहते हुए वे देश के स्वास्थ्य तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं. हाल ही में भारत सरकार ने इन्हें सचिव समकक्ष पद के लिए पदोन्नत किया है.
अपने काम के ऊपर कभी हावी नहीं होने दिया ‘पॉलिटिकल प्रेशर’
रोली सिंह की कार्यशैली उन्हें अन्य अधिकारियों से अलग बनाती है. वे नियमों और नीतियों से समझौता नहीं करतीं और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता की पक्षधर हैं. उन्होंने अपने लंबे करियर में कभी भी राजनीतिक दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया. वह हमेशा अपने विवेक के आधार पर स्पष्ट निर्णय लेने के लिए जानी जाती है. उनकी निडरता और निष्पक्ष कार्यशैली का ही नतीजा है कि जब भी कोई नीतिगत काम नहीं होता तो कोई भी राजनेता उन्हें फोन करने से पहले दस बार सोचता है. लेकिन इसके साथ ही उनकी सहजता और खुशमिजाजी उन्हें एक संवेदनशील प्रशासक भी बनाती है.

मोदी सरकार की ‘गुडबुक’ में शामिल
रोली सिंह को अपने पेशे के प्रति बेहद ईमानदार अधिकारी के रूप में जाना जाता है. शायद यही वजह है कि वह केंद्र में मोदी सरकार की भरोसेमंद अधिकारियों में शामिल रही हैं. इसी वजह से मोदी सरकार को जब भी उनकी जरूरत महसूस हुई, उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली बुला लिया गया. उन्होंने केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहां उन्होंने मानव संसाधन और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया. इसके साथ ही वह नई दिल्ली में प्रमुख आवसीय आयुक्त भी रह चुकी हैं.
देश के लिए तैयार किए काबिल ऑफिसर
आईएएस रोली सिंह न केवल एक कुशल प्रशासक रही हैं, बल्कि उन्होंने देश के भविष्य के लिए उत्कृष्ट नौकरशाहों को तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में उपनिदेशक के रूप में कार्य करते हुए, उन्होंने सिविल सेवा के नवोदित अधिकारियों को प्रशासनिक मूल्यों, नीति-निर्माण और सेवा भावना का गहरा पाठ पढ़ाया. उनकी कक्षाएं केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहती थीं, बल्कि उनमें व्यावहारिक अनुभव, वास्तविक प्रशासनिक चुनौतियों और नैतिक नेतृत्व की सीख भी शामिल होती थी। उनकी प्रेरक शैली और अनुशासनप्रियता ने सैकड़ों प्रशिक्षुओं को एक सशक्त, निडर और ईमानदार अधिकारी बनाकर देशसेवा के लिए तैयार किया है. उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षित कई अधिकारी आज देश के विभिन्न कोनों में कुशलता से प्रशासन की जिम्मेदारियाँ संभाल रहे हैं.

पति जयंत सिंह भी हैं देश के चर्चित प्रशासनिक अधिकारी
रोली सिंह के पति जयंत सिंह 1993 बैच के आईआरटीएस ऑफिसर हैं जो वर्तमान में लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. आईएएस रोली सिंह की तरह इनकी भी गिनती मोदी सरकार के सबसे विश्वस्त अधिकारियों में होती है. यही वजह है कि ये राष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े विभागों में अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. इन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाले नीति आयोग में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इसके साथ ही इन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में जॉइंट सेक्रेटरी रहते हुए एनएसए अजित डोभाल के साथ राष्ट्र हित के लिए कई अहम निर्णय लिए हैं. इन्होंने मसूरी में लाल बहादुर एकेडमी के डायरेक्टर रहते हुए रोली सिंह की तरह देश के लिए कई काबिल ऑफिसर भी तैयार किए है.
खाली समय में किताबों की दुनियां में खो जाना पसंद
एक तरफ रोली सिंह अपने प्रशासनिक कार्यों में अनुशासन और सख्ती के लिए जानी जाती हैं, वहीं उनके निजी जीवन में साहित्य और बागवानी के प्रति गहरा प्रेम है. वे एक शौकीन पाठक हैं और खाली समय में किताबों की दुनिया में खो जाना पसंद करती हैं. इसके अलावा, उन्हें प्रकृति से भी विशेष लगाव है, और बागवानी उनके जीवन का एक अहम हिस्सा है.