आज रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के 26वें गवर्नर संजय मल्होत्रा का जन्मदिन है. ये राजस्थान के 1990 बैच के IAS अफसर रहे हैं. RBI गवर्नर के रूप में इन्होंने महंगाई नियंत्रण, ग्रोथ सपोर्ट और वित्तीय स्थिरता की त्रिवेणी को साधने में अहम भूमिका निभाई है. संजय की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ये दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था की मॉनेटरी पॉलिसी को लीड कर रहे हैं. इन्हीं के नेतृत्व में देश में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स की कई नीतियों को अमलीजामा पहनाया गया. आज हम बात कर रहे हैं ऐसे ऑफिसर की जिनके काम के खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुरीद हैं.
संजय मल्होत्रा का राजस्थान से खास नाता है. वे मूल रूप से बीकानेर जिले में जयनारायण व्यास कॉलोनी के रहने वाले हैं. वे केंद्रीय विद्यालय -1 के छात्र रहे हैं। यहीं पढ़कर उन्होंने आईआईटी परीक्षा दी थी और टॉपर रहे थे। कानपुर से आईआईटी करने के बाद मल्होत्रा ने अमेरिका की बेहतरीन यूनिवर्सिटीज में शुमार प्रिंसटन विश्वविद्यालय से पब्लिक पॉलिसी में मास्टर्स किया. 1990 में उन्होंने यूपीएससी परीक्षा पास की और पहले ही प्रयास में आईएएस बन गए. इन्हें राजस्थान कैडर मिला।
राजस्थान और केंद्र में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
अपने करियर के शुरुआती दौर में संजय मल्होत्रा एसडीओ बीकानेर नॉर्थ रहे थे. इसके बाद वे अलवर UIT और चित्तौड़गढ़ में कलेक्टर रहे. फिर उनकी राज्य और देश में कई पदों पर तैनाती हुई. संजय मल्होत्रा के पास राजस्थान में भी वित्त, ऊर्जा, राजस्व और टैक्सेशन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी रही. वसुंधरा राजे सरकार में वे कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे. उन्हें ऊर्जा सचिव का दायित्व मिला था. प्रिंसिपल सेक्रेटरी के रूप में उन्होंने चार शहरों में वितरण फ्रेंचाइजी की नियुक्ति, ट्रांसमिशन में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल की शुरुआत, बिलिंग और कलेक्शन जैसे कई नावाचार किए थे. यही वो टाइम था जब उनकी पहचान एक काबिल ऑफिसर के रूप में बनने लगी और उनकी प्रतिभा की गूंज दिल्ली तक सुनाई देने लगी. इसके बाद पीएम मोदी भी उनके काम के मुरीद हो गए. उन्होंने केंद्र में वित्त विभाग के सचिव समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली. वह सरकारी कंपनी आरईसी लिमिटेड में चेयरमैन और एमडी के पद पर काम कर चुके हैं.
नई इनकम टैक्स व्यवस्था के सूत्रधार
दिसंबर 2022 में वे राजस्व सचिव बने। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं…
- नई आयकर व्यवस्था का क्रियान्वयन.
- आयकर कानून को सरल बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत.
- वेतनभोगी वर्ग को सीधी राहत.
- GST में ऑनलाइन गेमिंग टैक्सेशन पर स्पष्टता.
- घरेलू कच्चे तेल और ईंधन निर्यात पर लगाए गए Windfall Tax को हटाना.
- GST परिषद के पदेन सचिव के रूप में केंद्र और राज्यों के बीच संतुलन बनाते हुए कर ढांचे को स्थिर रखा.
देश के बजट और आर्थिक नीतियों में निभाई अहम भूमिका
राजस्व विभाग के शीर्ष अधिकारी के रूप में संजय मल्होत्रा ने केंद्रीय बजट 2023-24 से जुड़े सभी कर संबंधी मामलों को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में कर संग्रह मजबूत हुआ और राजकोषीय स्थिति को स्थिरता मिली
चुनौतीपूर्ण दौर में संभाली RBI की कमान
11 दिसंबर 2024 से संजय मल्होत्रा ने RBI के 26वें गवर्नर के रूप में कार्यभार संभाला। उस समय GDP ग्रोथ 7 तिमाहियों के निचले स्तर (5.4%) पर थी. खुदरा महंगाई दर 6.21% (14 महीने का उच्च स्तर) पर थी. वे मानते हैं कि महंगाई से लड़ाई सिर्फ़ RBI नहीं, बल्कि सरकार और केंद्रीय बैंक की साझा जिम्मेदारी है और इसी “टीम अप्रोच” के साथ वे काम कर रहे हैं. इसकी वजह से देश में महंगाई को कंट्रोल करने और जीडीपी ग्रोथ में तेजी लाने में महत्वपूर्ण काम हुआ है.